क्लासिक फिल्म : गाइड ================ कुछ फिल्म ऐसी होती है जो जनमानस में गहरी पैठ बनाती हैं , उनमें से एक है ' गाइड '. सन 1965 में बनी यह फिल्म प्रदर्शन की शुरुआत में पिटने लगी , फिर धीरे से उठने लगी और खूब चली , अब तक चल रही है. आर.के.नारायण की लिखी , साहित्य अकादमी से पुरस्कृत ( 1960), कहानी ' द गाइड ' को कुछ उलट-फेर के साथ ' गाइड ' के नाम से इस फिल्म को नवकेतन इंटरनेशनल के बैनर तले बनाया गया , निर्देशक थे विजय आनंद. राजू गाइड और रोजी के इर्द-गिर्द घूमती इस कहानी पर फिल्म बनाने का निर्णय अत्यंत साहसिक था क्योंकि इसकी कहानी का स्वाद उस समय की सामाजिक सोच के अनुरूप नहीं था. कहानी जबरदस्त थी , रोजी नाम की लडकी जिसकी पति से नहीं पटती. वह अपने पति को किसी अन्य स्त्री के साथ रंगरेलियां करते देख कर राजू गाइड से प्रेम करने लगती है. राजू का परिवार रोजी को स्वीकार नहीं करता क्योंकि रोजी एक वेश्या की बेटी थी. घर से विद्रोह करके राजू अपनी रोजी के साथ अलग रहने लगता है. राजू रोज़ी को नृत्यांगना बनने के लिए प्रोत्साहित करता है और उसकी नृत्य प्रतिभा ...
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