फिल्म : मुन्नाभाई एमबीबीएस =================== चिकित्सा विज्ञान और मनोविज्ञान के सहसंबंध पर आधारित विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' (२००३) एक ऐसी कामेडी फिल्म है जो दर्शक को गंभीर संदेश भी देती है. राजकुमार हिरानी के निर्देशन पर बनी यह फिल्म सिगमंड फ्रायड के उस सिद्धांत को स्थापित करती है जिसमें उन्होंने शरीर की बीमारियों का कारण मनुष्य की मानसिक पीड़ा को बताया था. ऐसा देखा गया है कि किसी भी मरीज के रोग का आधा इलाज़ डाक्टर की सकारात्मक और हौसला बढ़ाने वाली बातों से हो जाता है और शेष आधा डाक्टर द्वारा उसे दी गयी दवाओं से होता है. रोगी को स्वस्थ करने में डाक्टर की बातों का असर ज्यादा होता है या दवा का, इस बारे में अलग-अलग राय हो सकती है लेकिन इस बात पर सर्वसम्मति होगी कि दोनों विधाओं के साथ-साथ प्रयोग से रोगी को शीघ्र लाभ होता है. फिल्म की कहानी इसी सोच के साथ आगे बढ़ती है कि रोगी को दवा से अधिक असर उसे मिले प्यार से होता है. रोगी को ठीक करने के लिए प्यार जताने वाली 'जादू की झप्पी' का रोचक प्रयोग 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' में बखूबी किया गया है. मुरली प्रसाद...
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