जब कोई कलाकार अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शक के दिल में स्थायी जगह बना ले तो वह यादगार कहानी बन जाती है. दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला को बी.आर.चोपड़ा की फिल्म 'नया दौर' में देखा था लेकिन यह जोड़ी फिल्म 'गंगा जमना' में गज़ब कर गयी. भोले-भाले ग्रामीण गंगा की भूमिका में दिलीपकुमार और उसकी प्रेमिका धन्नो धोबन के रूप में वैजयंतीमाला को भुला पाना असंभव है. गाँव में होने वाली हंसी-ठिठोली से लेकर प्रेम के उच्चतम शिखर तक ले जाने वाली इस रोमांचक कथा को स्वयं दिलीपकुमार ने रचा था. गरीब और अमीरी का जीवन, गरीबी का निबाह और अमीरी का आतंक, कर्तव्य और अपराध के द्वंद्व को फिल्म 'गंगा जमना' में ईस्टमेनकलर में फिल्माया गया था. इसके फिल्मांकन के लिए गाढ़े रंगों को चुना गया जिसने अत्याचार और उसके विरुद्ध संघर्ष को अधिक असरदार बना दिया. एक समय था जब मध्यप्रदेश के चम्बल का इलाका डाकुओं के आतंक से त्रस्त था. इनमें डाकू मानसिंह, तहसीलदार सिंह, सूबेदार सिंह, लुक्का, पन्ना बाई, तुलसी बाई, पानसिंह तोमर, पंचम सिंह, मोहर-माधो, माखन-चिड्डा, बाबा-मुस्तकिल, फूलन-विक्रम, श्रीराम-लालाराम, ददुआ आदि डा...
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